दिल्ली आबकारी प्रकरण में राहत के बाद AAP का दावा—‘सत्य की जीत’, डुमरियागंज से दिल्ली तक संघर्ष जारी
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Taukeer Aslam | ITN | 27 February 2026
इमरान लतीफ़ बोले—“न्यायालय के फैसले ने ईमानदार राजनीति को ताकत दी, झूठ की राजनीति बेनकाब”
डुमरियागंज। दिल्ली के कथित आबकारी (शराब) नीति प्रकरण में अदालत से राहत मिलने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने इसे “सत्य और लोकतंत्र की जीत” करार दिया है। पार्टी के प्रांतीय अध्यक्ष इंजीनियर इमरान लतीफ़ ने बयान जारी कर कहा कि अदालत के निर्णय ने विपक्ष को बदनाम करने की साजिशों को ध्वस्त कर दिया है।
गौरतलब है कि इस प्रकरण में दिल्ली के मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal, पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia सहित आम आदमी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं का नाम सामने आया था। मामले की जांच Central Bureau of Investigation और Enforcement Directorate जैसी एजेंसियों द्वारा की गई थी। अदालत के हालिया फैसले के बाद पार्टी नेताओं ने इसे अपने पक्ष में महत्वपूर्ण राहत बताया है।
“सिर्फ कानूनी नहीं, नैतिक जीत भी”
इमरान लतीफ़ ने कहा कि तथाकथित शराब घोटाले के नाम पर आम आदमी पार्टी की छवि धूमिल करने और विपक्ष की आवाज़ दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन न्यायालय के फैसले ने सच्चाई पर मुहर लगा दी। उनके अनुसार यह केवल कानूनी जीत नहीं, बल्कि ईमानदारी और संघर्ष की राजनीति की जीत है।
“लोकतंत्र में विरोध की आवाज़ दबाना गलत”
लतीफ़ ने केंद्र सरकार और Bharatiya Janata Party पर राजनीतिक दुर्भावना का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोधी विचारधारा को कुचलने का प्रयास संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले के बाद जनता के सामने “झूठ की राजनीति” बेनकाब हो चुकी है।
डुमरियागंज से दिल्ली तक संघर्ष
डुमरियागंज में पार्टी के संगठनात्मक कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि “सत्ता नहीं, सेवा और पारदर्शिता” उनकी राजनीति का मूल है। उन्होंने दावा किया कि डुमरियागंज से लेकर दिल्ली तक भ्रष्टाचार और नफरत के खिलाफ पार्टी की जंग जारी रहेगी।
इमरान लतीफ़ ने अंत में कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनविश्वास की है, और आम आदमी पार्टी भविष्य में भी सामाजिक सद्भाव, पारदर्शिता और जनअधिकारों के लिए संघर्ष करती रहेगी।
