डुमरियागंज: सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रहीं तेज रफ्तार पिकअप, दहशत में ग्रामीण
1 min read
डुमरियागंज/सिद्धार्थनगर |आईटीएन | तौकीर असलम
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली मुख्य सड़कों और ग्रामीण लिंक मार्गों पर तेज रफ्तार पिकअप वाहनों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। रफ़्तार के जुनून और ओवरलोडिंग की होड़ ने क्षेत्र के लोगों का सड़क पर चलना दूभर कर दिया है। स्थिति यह है कि इन अनियंत्रित वाहनों की वजह से राहगीर अब सड़कों पर निकलने में भी दहशत महसूस कर रहे हैं।
कमाई की भूख और लापरवाही का गठजोड़
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, पिकअप चालकों के बीच अधिक माल ढोने और ‘डबल शिफ्ट’ में काम करके ज्यादा कमाई करने की अंधी प्रतिस्पर्धा चल रही है। कम समय में ज्यादा चक्कर लगाने के चक्कर में चालक क्षमता से अधिक सामान लादकर वाहनों को अत्यधिक गति से चलाते हैं। इससे न केवल वाहन का संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है, बल्कि अचानक सामने आने वाले बाइक सवारों और पैदल यात्रियों के लिए बचने का कोई रास्ता नहीं बचता।
बाजारों और चौराहों पर बढ़ा खतरा
ग्रामीणों का आरोप है कि ये वाहन चालक घनी आबादी वाले बाजारों और सँकरी सड़कों से भी रफ्तार कम नहीं करते। बीते कुछ दिनों में क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में कई छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके बावजूद, परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस द्वारा इन पर लगाम कसने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
जांच अभियान की मांग
क्षेत्र के नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन व परिवहन विभाग (RTO) से सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है। जनता की मांग है कि:
* प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में नियमित बैरियर लगाकर चेकिंग की जाए।
* ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहनों के परमिट निरस्त किए जाएं।
* फिटनेस मानकों की अनदेखी करने वाले पुराने वाहनों को सड़क से हटाया जाए।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।
