मनरेगा बना लूट की गारंटी, कागजों पर चल रहे फावड़े
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Saddam Hussein | Jalaun | 20 Feb 2026
👉ग्राम पंचायत डाबर माधौगढ़ में मनरेगा के नाम पर हो रहा जमकर भ्रष्टाचार
👉बिना सीआईबी बोर्ड लगाये सिर्फ कागजों में हो रहा कार्य
नदीगांव / जालौन– सरकार एक तरफ जहां भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए जिरोटालरेंस की निति पर काम करने की बात कर रही है। वहीं दूसरी तरफ नदीगांव ब्लाक में कार्यरत जिम्मेदार अधिकारियों के मिली भगत से सरकार की महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना जमीनी धरातल पर उतरने से पहले ही भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ रही है।

जानकारी के अनुसार विकास खण्ड नदीगांव के ग्राम डाबर माधौगढ़ में अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से सरकारी धन का जमकर बंदरबांट हो रहा है। आलम यह है कि धरातल पर काम नगण्य है और कागजों में 232 मजदूरों की फौज खड़ी कर लाखों रुपये के भुगतान की तैयारी कर ली गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जहाँ एक ओर पात्र मजदूरों को रोजगार के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही और कमीशनखोरी के चलते बिना काम कराए ही लाखों का भुगतान निकाला जा रहा है। विकास खंड में तैनात जिम्मेदारों की शह पर यह भ्रष्टाचार का खेल खुलेआम खेला जा रहा है।
ताजा मामला डाबर माधौगढ़ गांव का है, जहाँ ऑनलाइन रिकॉर्ड में एक साथ 24 मस्टरोल जारी किए गए हैं। इन मस्टरोलों में दो प्रमुख कार्यों को आधार बनाया गया है,
ज्ञानेश के खेत से रोड तक जलरोधक बांध का निर्माण।
भैया लाल के मकान से किशोर के खेत तक जलरोधक बांध का निर्माण।
इन दोनों कार्यों के नाम पर 232 मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाई गई है। स्थानीय सूत्रों की मानें तो मौके पर कोई निर्माण कार्य नहीं दिख रहा है, लेकिन पोर्टल पर हाजिरी चढ़ाकर सरकारी खजाने को चूना लगाने की पूरी पटकथा लिख दी गई है।
वहीं संबंध में DC मनरेगा रामेंद्र सिंह कुशवाह का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है, इसकी जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
