जामिया अहलेसुन्नत क़ादरिया गुलशने रज़ा भरपूरवा में सालाना इम्तिहान के मौक़े पर ऊंचा मुकाम हासिल करने वाले बच्चों को इनामात देकर उनकी हौसला अफजाई की गई
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क्यूं.डी. सिद्दीकी| गोंडा | 18 फरवरी 2026
गौरा विधानसभा के अंतर्गत ग्राम पंचायत बढ़ौलीपुर के जामिया अहलेसुन्नत क़ादरिया गुलशने रज़ा, लोथरपुर (भरपुरवा) में सालाना इम्तिहान का आयोजन कर के नताइज का ऐलान किया गया।

इस मौक़े पर अच्छे नंबरों से कामयाब होने वाले छात्र व छात्राओं की तक़सीम-ए-इनामात के ज़रिये हौसला-अफ़ज़ाई की गई, जिसमें तालीमी मैदान में अच्छा प्रदर्शन करने वाले तलबा ने इनामात हासिल किए।
मालूम हो कि जूमेरात को लोथरपुर जामिया अहलेसुन्नत क़ादरिया गुलशने रज़ा में सालाना इम्तिहान का इनइक़ाद मुकम्मल शफ़्फ़ाफ़ियत के साथ किया गया।
बाहर से तशरीफ़ लाए हजरत अल-हाज क़ारी शरफ़ुद्दीन ख़ान हशमती, संवाददाता राष्ट्रीय सहारा उर्दू, ने इल्म-ए-दीन की अहमियत पर रौशनी डालते हुए कहा कि हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: “हर मुसलमान मर्द और-औरत पर इल्मे दीन सीखना फ़र्ज़ है।
उन्होंने बच्चों के अभिभावकों को यह पैग़ाम दिया कि
“आधी रोटी खाएं, बच्चों को पढ़ाए। उन्होंने कहा की शिक्षा ही एक ऐसी चेज़ है जो अच्छे और बुरे की पहचान कराती है लिहाज़ा हर हाल में बच्चों को दीनी तालीम और दुनियावी तालीम दोनों से मज़बूत करें ताकि आप का बच्चा आगे चल कर इंजीनियर, एडवोकेट, डाक्टर बने समाज की खिदमत करे।
साथ ही नक़ीबे अहले सुन्नत मौलाना ग़ुलाम गौस साक़ी तनवीरी ने कहा कि हमें अपनी नई नस्लों के दिलों के अंदर नूर-ए-इल्म की शमा रौशन करने के लिए अपने मदरसों को मज़बूत करना होगा और हालात के तक़ाज़ों को मद्देनज़र रखते हुए तालीमी निज़ाम में सुधार पैदा करना होगा। वरना आप देखिए, मॉन्टेसरी स्कूलों में किसी से माली इमदाद नहीं लिया जाता, बल्कि हर बच्चे से सौ-दो सौ रुपये फ़ीस के तौर पर वसूल किए जाते हैं, उसी में से टीचरों का सैलरी भी दिया जाता है और चंद दिनों में बिल्डिंगें तैयार कर ली जाती हैं, गाड़ियाँ तक ले ली जाती हैं। मगर हमारे यहाँ क्या सिस्टम है? क्या वजह है कि चंदे आते हैं, एक-दो टीचर होते हैं, फिर भी तरक़्क़ी नहीं होती! दरअसल इसमें हमसे मदरसों के वक़ार को न समझने की भूल हुई है। हमें और आप को अपने मदरसों के वक़ार को समझने की ज़रूरत है। जहाँ ज़रूरत पेश आए, ख़ुलूस-ए-नियत के साथ काम करें, इंशाअल्लाह तरक़्क़ी हमें ही मिलेगी।
इस मौक़े पर मदरसे के प्रिंसपल मौलाना अली अहमद हश्मती और मास्टर आबिद रजा बेग मौजूद रहे। इसके अलावा मदरसे के ज़िम्मेदारान में सेक्रेटरी वहीदुल्लाह ख़ज़ांची ग़ुलाम सईद, प्रबन्धक मोहम्मद क़ासिम भी मौजूद रहे।
इनके अलावा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मोहम्मद इरफ़ान ख़ान हशमती, अतिउल्लाह मोहम्मद रईस, अनस चौधरी, झिन्नन , शाकिर अली, अहमद अली समेत आदि लोग मौजूद रहे।
प्रोग्राम के दौरान बच्चों को उनकी मेहनत के मुताबिक़ इनाम दिए गए।
जामिया में मुनअक़िद सालाना इम्तिहान के मौक़े पर मुख़्तलिफ़ दरजात में अव्वल, दोम और सोम पोज़िशन हासिल करने वाले छात्र व छात्राओं के नाम कुछ इस तरह से है।
तीसरे दरजे में अव्वल पोज़िशन हासिल करने वाली छात्रा: शाजिया ख़ातून बिन्ते इम्तियाज़ अली
दोम पोज़िशन हासिल करने वाली
छात्रा: सबीरा ख़ातून बिन्ते अतहर अली
तीसरी पोज़िशन हासिल करने वाली
छात्रा: साइबा ख़ातून बिन्ते वाजिद अली
दर्ज ए दोम में
अव्वल पोज़िशन हासिल करने वाली
छात्रा:शाहीन बानो,
दोम पोज़िशन हासिल करने वाली त
छात्रा: ज़ीनत फ़ातिमा बिन्त मुहम्मद शादाब रज़ा
तीसरी पोज़िशन हासिल करने वाली
छात्रा: नसीरुन्निसा।
दर्ज ए अव्वल:
अव्वल पोज़िशन हासिल करने वाली
छात्रा: उमैमा ख़ातून
दोम पोज़िशन हासिल करने वाली तालिबा: नर्गिस फ़ातिमा बिन्ते नसरुद्दीन
तीसरी पोज़िशन हासिल करने वाली
छात्रा: अल्फ़िया ख़ातून
दर्ज ए नर्सी में
अव्वल पोज़िशन हासिल करने वाले तालिब-ए-इल्म: नासिर अली इब्ने मुमताज़ अली
दोम पोज़िशन हासिल करने वाली तालिबा: हिदायत फ़ातिमा,
तीसरी पोज़िशन हासिल करने वाली तालिबा: बुशरा ख़ातून।
मदरसे की जानिब से तमाम कामयाब तलबा-ओ-तालिबात को मुबारकबाद पेश की गई और उनके रोशन मुस्तक़बिल के लिए नेक तमन्नाओं का इज़हार किया गया।
असातिज़ा ने बच्चों की हौसला-अफ़ज़ाई करते हुए कहा कि यही बच्चे मुस्तक़बिल में क़ौम-ओ-मिल्लत का सरमाया बनेंगे।
तक़रीब में मौजूद सरपरस्तों और वालिदैन ने मदरसे के तालीमी निज़ाम की तारीफ़ की और इस उम्मीद का इज़हार किया कि मदरसा आइंदा भी इसी तरह दीनी व अख़लाक़ी तालीम के फ़रोग़ में अहम किरदार अदा करता रहेगा।
आख़िर में असातिज़ा और मुन्तज़िमीन ने दुआएं की कि अल्लाह तआला छात्र व छात्राओं को इल्म-ए-नाफ़े अता फ़रमाए और उन्हें दीन-ओ-मिल्लत की ख़िदमत के क़ाबिल बनाए।
