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इंडियन बैंक मैनेजर का बड़ा फ्रॉड! गरीब युवक के सपनों से किया खेल – सरकारी योजना का पैसा हड़प गया गैंग

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Qd Siddiqui | Balrampur | 11 Nomber 2025


बलरामपुर। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत गरीबों को आत्मनिर्भर बनाने की सरकारी योजना में इंडियन बैंक के एक मैनेजर ने गजब का खेल कर दिया! उतरौला क्षेत्र के रहने वाले अमन गुप्ता पुत्र कालीदीन गुप्ता ने जब खुद का छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए कर्ज लिया, तो उसे क्या पता था कि बैंक ही उसके सपनों का गला घोंट देगा!

जानकारी के मुताबिक, अमन गुप्ता को उद्योग विभाग बलरामपुर से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत ₹4,50,000 का ऋण स्वीकृत हुआ था। इसमें से प्रार्थी ने खुद ₹50,000 सिक्योरिटी अंशदान के रूप में जमा किया था। योजना के तहत अमन को ₹1,80,000 की मशीनरी और ₹3,20,000 क्रियाशील पूंजी मंजूर हुई थी।

लेकिन असली खेल तो यहीं से शुरू हुआ…


अमन ने मशीनरी के लिए गुप्ता मशीनरी स्टोर, पहवा मशीनरी उतरौला और बाबागंज बाजार की दुकान से कोटेशन लाकर बैंक में जमा किए, मगर इंडियन बैंक इमिलिया शाखा उतरौला के मैनेजर ने गरीब युवक की एक न सुनी!

बताया जा रहा है कि बैंक मैनेजर ने अपने सेट किए गए ठेकेदार “शंकर ट्रेडिंग कंपनी बलरामपुर” से महंगे दामों का फर्जी कोटेशन बनवाया और अमन से सादे फॉर्म पर हस्ताक्षर करवा लिए। इसके बाद ₹4,01,000 की पूरी राशि बिना जानकारी के शंकर ट्रेडिंग कंपनी के खाते में ट्रांसफर कर दी!

सबसे बड़ा घोटाला यह है कि शंकर ट्रेडिंग कंपनी ने जो बिल दिया, उस हिसाब से न तो पूरा सामान दिया गया, और जो दिया गया उसका बाजार मूल्य मुश्किल से ₹2,50,000 है। यानी लगभग डेढ़ लाख रुपये की हेराफेरी का सीधा मामला!

पीड़ित अमन गुप्ता ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत बैंक में की, लेकिन बैंक मैनेजर ने उसकी एक न सुनी, उल्टा उसे बैंक से भगा दिया! अब गरीब युवक अपने रोजगार के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है।

अमन का कहना है —

मैंने बैंक मैनेजर से सिर्फ अपनी क्रियाशील पूंजी मांगी थी ताकि अपना काम शुरू कर सकूं, लेकिन उन्होंने मुझे धमकाकर बाहर निकाल दिया। सारा पैसा मैनेजर और शंकर ट्रेडिंग कंपनी ने आपस में बाँट लिया है।”

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। सरकारी योजनाओं के नाम पर इस तरह की “बैंक-ब्रोकर मिलीभगत” से गरीब और बेरोजगार युवक लगातार ठगे जा रहे हैं।

अब सवाल यह है

👉 क्या जिला प्रशासन और बैंक मुख्यालय इस घोटाले की जांच करेगा?

👉 क्या मुख्यमंत्री की मंशा पर पानी फेरने वाले ऐसे भ्रष्ट अफसरों पर कार्रवाई होगी?

अगर जांच हुई तो बैंक-ब्रोकर गठजोड़ के और कई चौंकाने वाले राज खुल सकते हैं।


 


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