पत्रकारों के निंदा प्रस्ताव से तिलमिलाईं ईओ मोनिका उमराव, अब पत्रकार के खिलाफ शिकायत लेकर पहुंचीं कोतवाली
1 min read
जनप्रतिनिधियों से टकराव के बाद अब पत्रकारों से सीधा मोर्चा, निंदा प्रस्ताव के बाद बढ़ा विवाद
जालौन (यूपी) कोंच नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव का विवादों से पीछा छूटने का नाम नहीं ले रहा है। जनप्रतिनिधियों के साथ टकराव और नगर पालिका में लगातार उठते विवादों के बीच अब पत्रकारों से भी उनकी सीधी भिड़ंत सामने आ गई है। पत्रकारों द्वारा कथित अभद्र व्यवहार को लेकर निंदा प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद मामला और गरमा गया है। बताया जा रहा है कि निंदा प्रस्ताव से नाराज ईओ मोनिका उमराव एक लंबी-चौड़ी शिकायत लेकर कोंच कोतवाली पहुंच गईं और एक पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर डाली।
दरअसल, हाल ही में कोंच नगर पालिका की ईओ मोनिका उमराव के व्यवहार को लेकर दो पत्रकारों ने शिकायत की थी। पत्रकारों का आरोप था कि उनके साथ अभद्रता की गई। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डिस्ट्रिक्ट प्रेस क्लब ने एकजुटता दिखाते हुए ईओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया। साथ ही प्रस्ताव की प्रति जिलाधिकारी को भेजने का निर्णय लिया गया। पत्रकारों की इस कार्रवाई के बाद नगर पालिका से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक मामला चर्चा का विषय बन गया।
निंदा प्रस्ताव के बाद कोतवाली पहुंचीं ईओ
पत्रकारों की ओर से निंदा प्रस्ताव पारित होने के बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। बताया जा रहा है कि ईओ मोनिका उमराव एक लंबी-चौड़ी शिकायत लेकर कोंच कोतवाली पहुंचीं। यहां उन्होंने एक पत्रकार के खिलाफ शिकायत देते हुए कार्रवाई की मांग की। इस घटनाक्रम ने पत्रकारों और नगर पालिका प्रशासन के बीच पहले से चल रहे विवाद को और हवा दे दी है।
सवाल उठे तो शिकायत लेकर पहुंच गईं कोतवाली
नगर पालिका जैसी सार्वजनिक संस्था में पदस्थ अधिकारी से जनता और पत्रकारों का सवाल करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। ऐसे में पत्रकारों की शिकायत पर निंदा प्रस्ताव पारित होने के बाद एक पत्रकार के खिलाफ पुलिस में शिकायत देने का घटनाक्रम कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या पत्रकारों की ओर से उठाई गई आपत्ति का जवाब देने के बजाय अब मामला शिकायतों और पुलिस कार्रवाई तक पहुंचाया जा रहा है।
विवादों से पुराना नाता, अब पत्रकारों से भी ठनी
कोंच नगर पालिका की ईओ मोनिका उमराव का नाम पिछले कई महीनों से जनप्रतिनिधियों के साथ विवादों को लेकर चर्चा में रहा है। नगर पालिका के निर्वाचित सभासदों और अध्यक्ष के साथ मतभेदों से शुरू हुआ विवाद अब पत्रकारों तक पहुंच गया है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर नगर पालिका में जिम्मेदार पद पर बैठी अधिकारी और अलग-अलग वर्गों के बीच टकराव की स्थिति बार-बार क्यों बन रही है
फिलहाल पत्रकारों के निंदा प्रस्ताव और ईओ की ओर से कोतवाली में दी गई शिकायत के बाद कोंच का माहौल गरमा गया है। अब निगाहें पुलिस और जिला प्रशासन के रुख पर टिकी हैं। देखना होगा कि पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच होती है या फिर यह विवाद आरोप-प्रत्यारोप के बीच और लंबा खिंचता है।
